लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना HIV की रोकथाम एवं जागरूकता हेतु उच्च जोखिम समूह में चलायी जाने वाली गतिविधि है। उच्च जोखिम समूह में महिला यौनकर्मी समलैंगिक पुरूष सुई से नशा करने वाले व्यक्ति तथा ट्रक चालक एवं माईग्रेन्ट व्यक्ति सम्मिलित हैं। इन समुदायों को HIV से बचाव एवं रोकथाम हेतु प्रचार-प्रसार करना HIV से बचाव हेतु साधन प्रदान करना एवं स्वास्थ्य के प्रति सजगता का वातावरण निर्मित करना इन परियोजनाओं का लक्ष्य है। उच्च जोखिम समूह को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना एवं HIV की रोकथाम करना लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना का उद्देश्य है।

म.प्र. के 41 जिलों मे लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजनाओ का संचालन किया जा रहा है ।

 
ओएसटी - (OPIOID SUBSTITUTION THERAPHY)

ओएसटी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा सुई से नशा करने वाले उच्च जोखिम समुदाय के लोगो को चिकित्सकीय सलाह प्रदान कर दवाईयॉं उपलब्ध करायी जाती हैं जिससे सुई से नशा करने की आदत कम करते हुए समाप्त कर दी जाती हैए साथ ही सुई के साझा उपयोग से होने वाले एचआईवी के खतरे से भी बचाव होता है।

वर्तमान में म.प्र. में 12 ओएसटी सेंटर कार्यरत है ।